गोरखपुर। उर्दू विभाग, दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ महबूब हसन को अलुम्नाई एसोसिएशन, उर्दू विभाग, बी.एच.यू. का अध्यक्ष निर्वाचित किया गया है। ये निर्णय एसोसिएशन के सम्मानित सदस्यों द्वारा आयोजित एक ऑन लाइन मीटिंग के दौरान सर्वसम्मति से लिया गया। एसोसिएशन का कार्यकाल दो वर्षों के लिए निर्धारित है।
डॉ. महबूब हसन की अध्यक्षता में आगामी 25/मार्च को अलुम्नाई एसोसिएशन, उर्दू विभाग, बीएचयू, वाराणसी द्वारा एक भव्य पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम की तैयारियाँ जोर-शोर से जारी हैं। इस अवसर पर विभाग के पूर्व छात्रों की बड़ी संख्या में भागीदारी अपेक्षित है। उर्दू विभाग के इतिहास में यह पहला अवसर होगा जब वर्षों बाद पूर्व छात्र एक मंच पर एकत्रित होंगे। अपनी पुरानी यादों को ताज़ा करेंगे। समारोह में साहित्यिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें पूर्व छात्रों की पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा तथा रचनात्मक सत्र में वे अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।
डॉक्टर महबूब हसन बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के पुरातन छात्र रहे हैं। उन्होंने उर्दू विभाग, बी. एच. यू. से एम. ए. की शिक्षा गोल्ड मेडल के साथ प्राप्त की है। एम. फिल. और पी. एच. डी. की डिग्रियां जे एन यू, नई दिल्ली से हासिल की हैं। शोध आलोचना और क्रिएटिव राइटिंग पर आधारित डॉ हसन की पांच किताबें प्रकाशित चुकी हैं। उन के लेख और रचनाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्र एवं पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहे हैं। डॉ हसन उर्दू और हिंदी दोनों भाषाओं में लिखते हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

