गोरखपुर (गो0मे0)। सम्पूर्ण भारतीय रेल पर ‘स्वच्छोत्सव‘ मनाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत रेल परिसरों एवं टेनों में स्वच्छ एवं साफ सुथरा वातावरण उपलब्ध कराने हेतु 17 सितंबर,2025 से 01 अक्टूबर,2025 तक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गये जैसे कि सफाई हेतु स्थानों को चिन्हित कर सफाई करना, स्वच्छता की शपथ, पी.पी.ई.किट का वितरण, मैराथन/साइक्लॉथन/वाकॉथन, स्वच्छता जागरूकता हेतु लीग मैच का आयोजन, पौधारोपण, वेस्ट टू आर्ट बनाना, पर्यावरण अनुकूल अपशिष्ट पदार्थो को हटाना, डोर टू डोर जाकर जागरूकता फैलाया गया एवं श्रमदान किया गया, स्टेशनों पर खाद्य सामग्री एवं पानी की शुद्धता का निरीक्षण करना, कपड़े के थैलों का वितरण करना आदि सम्मिलित है। इस तरह विभिन्न कार्यक्रर्माें का आयोजन कर यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
पूर्वाेत्तर रेलवे पर स्वच्छता ही सेवा-2025 अभियान की शुभारम्भ 17 सितम्बर, 2025 को मुख्यालय, में महाप्रबन्धक पूर्वाेत्तर रेलवे उदय बोरवणकर ने गोरखपुर जं. स्टेशन पर रेल कर्मियों एवं यात्रियों को स्वच्छता शपथ दिलाकर एवं श्रमदान कर किया गया। इस अभियान के अन्तर्गत 3400 स्थानों पर सफाई किया गया, जिसमें लखनऊ मंडल में 1637, वाराणसी मंडल में 768, इज्जतनगर मंडल में 995 स्थान सम्मिलित है। इसी तरह 8135 केन्द्रों पर यात्रियों एवं कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ/प्रतिज्ञा दिलाई गई। स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने हेतु इस रेलवे पर 152 स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाये गये, जिसमें लखनऊ मंडल में 17, वाराणसी मंडल में 120 तथा इज्जतनगर मंडल में 15 शामिल है।
सफाई मित्र के स्वास्थ्य जाँच हेतु तीनों मंडलों मे 61 स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर 2297 कर्मचारियों की जाँच की गई एवं उन्हें 2687 पी.पी.ई किट का वितरण किया गया। स्वच्छता के प्रति जागरूकता को लाने हेतु 33 मैराथन/साइक्लॉथन/वाकॉथन आयोजित किये गये तथा 26 स्पोर्टस लीग मैच का आयोजन कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
इस दौरान पर्यावरण संरक्षण हेतु इस अभियान के अन्तर्गत लखनऊ, वाराणसी एवं इज्जतनगर मंडलों में विभिन्न स्थानों पर 2037 पौधे लगाये गये। इस रेलवे पर निराकृत सामग्रियों का उपयोग कर विभिन्न प्रकार के 47 कलाकृतियाँ बनाई गई। स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाने हेतु 468 घरों पर डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया।
हरित पहल एवं प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने हेतु पूर्वाेत्तर रेलवे पर महाप्रबंधक पूर्वाेत्तर रेलवे उदय बोरवणकर के निर्देश पर अनुपयोगी लिनेन से कपड़े के थैले बनाये गये। प्लास्टिक के थैलों का उपयोग करने वाले यात्रियों से प्लास्टिक के थैले लेकर उन्हें कपड़े के थैले दिये गये। इस दौरान पूर्वोत्तर रेलवे पर 1693 कपड़े के थैलों का वितरण किया गया।
कचरा निपटान के क्षेत्र में भी पूर्वाेत्तर रेलवे प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। इस रेलवे पर 322.5 टन कचरे का निपटान किया गया। इसके अतिरिक्त पानी के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने और नालियों को जाम होने से बचने के लिए ड्रेन डिसिल्टिंग का कार्य किया गया, जिसमें नाली से गन्दगी हटाई गई। इसके तहत इस रेलवे पर 37 किलोमीटर ड्रेन की डिसिल्टिंग का कार्य किया गया।






