महराजगंज। फरेंदा ब्लॉक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मनरेगा के तहत कार्यरत चार कर्मचारियों की संविदा समाप्त होने के बावजूद उनकी ड्यूटी और वेतन जारी रहने का आरोप लगाया गया है।
सूत्रों के अनुसार मनरेगा से जुड़े कुछ कर्मचारी, जिनकी नियुक्ति एनजीओ के माध्यम से हुई थी, उनकी संविदा 15 सितंबर को ही समाप्त हो चुकी थी। नियमों के मुताबिक संविदा खत्म होने के बाद उनकी ड्यूटी स्वतः समाप्त मानी जाती है। इसके बावजूद आरोप है कि ये कर्मचारी अब भी ब्लॉक स्तर पर कार्य कर रहे हैं और उन्हें वेतन का भुगतान भी किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ये कर्मचारी पहले ब्लॉक स्तर पर बड़े पदों पर कार्यभार संभाल रहे थे। आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से इनकी हाजिरी लगाई जा रही है और भुगतान की प्रक्रिया भी जारी रखी गई है। इससे सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़ा वित्तीय घोटाला सामने आ सकता है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर अभी तक जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

