उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करती है राष्ट्रीय सेवा योजना : डॉ. रघुराम
गोरखपुर। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यलाय गोरखपुर (एमजीयूजी) में आयोजित सप्तदिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) विशेष शिविर के अंतर्गत बुधवार एक प्रेरणादायक योग सत्र का आयोजन किया गया। यह योग सत्र फार्मास्युटिकल साइंसेज संकाय के प्राचार्य डॉ. शशिकांत सिंह के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संपन्न हुआ।
इस विशेष योग सत्र में रासेयो की तीनों इकाइयों माता शबरी इकाई, पारिजात इकाई एवं आर्यभट्ट इकाई के स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
डॉ. शशिकांत ने विद्यार्थियों को योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का भी विकास होता है। उन्होंने विभिन्न प्राणायाम, आसन एवं ध्यान की विधियों का अभ्यास करवाया तथा उनके वैज्ञानिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया।
द्वितीय सत्र में आर्यभट्ट इकाई के स्वयंसेवकों द्वारा ओंकार मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कूड़ा एकत्रित कर, झाड़ू लगाकर तथा स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। वहीं पारिजात एवं माता शबरी इकाई के स्वयंसेवक सामाजिक कार्य के उद्देश्य से मानीराम क्षेत्र में पहुंचे। वहां उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाते हुए ग्रामीणों को स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया।
विशेष शिविर के अंतर्गत एक विशेष बौद्धिक सत्र का भी आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में आदरणीय डॉ. रघुराम (डीन, आइक्यूएसी) ने बताया कि स्वयंसेवा केवल सामाजिक कार्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, संवेदनशीलता तथा उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करती है। एक सच्चा स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज के हित में कार्य करता है और अपने आचरण से दूसरों को भी प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज के युग में अवसरों की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल समर्पण, परिश्रम और सकारात्मक सोच की है।

