- जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक डीएम की अध्यक्षता में हुई
- विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से हुई समीक्षा
- निर्देश – सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर की जांच व दवा न लिखी जाए
गोरखपुर। जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की विकास भवन सभागार में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में जिले के स्वास्थ्य महकमे से जुड़े अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। साथ ही निर्देश दिया गया कि जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों की नियमित निगरानी होनी चाहिए, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की नियमित तौर पर निगरानी करेंगे। अस्पतालों पर साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। सभी ब्लॉक स्तरीय उच्चाधिकारी अपनी चिकित्सा इकाई की इंस्पेक्शन रिपोर्ट भी भेजेंगे। अस्पतालों के प्रभारी अधिकारी स्टेशन पर ही रहेंगे। जिलाधिकारी ने सभी अस्पतालों पर सोलर पैनल लगाने का भी निर्देश दिया।
बैठक के दौरान सीएमओ डॉ राजेश झा ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिंक कार्ड जूनियर अभियान के जरिये छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है और उन्हें आवश्यक दवाइयां दी जा रही हैं। साथ ही जिले में सैम्पल ट्रांसपोर्ट सिस्टम सुदृढ़ हुआ है और अब दस अर्बन पीएचसी के अलावा पंद्रह सीएचसी से भी महत्वपूर्ण पैथालॉजिकल जांचों के सैम्पल इकट्ठा किए जा रहे हैं। इसके अलावा जूनोटिक बीमारियों से निपटने के लिए समन्वित प्रयास हो रहे हैं। मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान यथोचित उपलब्धि हासिल न करने वाले ब्लॉकों को चेतावनी भी दी गई।
सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी ब्लॉक में गैर पंजीकृत अस्पताल का संचालन नहीं होना चाहिए। नियमित तौर पर इसकी जांच की जाए। जो भी अस्पताल ऑपरेशन थियेटर (ओटी) से युक्त हैं, उनकी ओटी और स्टर्लाइजेशन प्रक्रिया की समय-समय पर जांच की जाए। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बाहर की जांच व दवा न लिखी जाए। अगर सम्बन्धित जांच और दवा अस्पताल में संभव नहीं है तो मरीज को रेफर कर दें, लेकिन किसी भी स्थिति में बाहर की दवा व जांच नहीं लिखी जानी चाहिए। इस अवसर पर विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण, दिये निर्देश
सीएमओ डॉ राजेश झा ने बृहस्पतिवार को दोपहर बाद भटहट सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीएचसी की फार्मेसी स्टोर, जन औषधि केन्द्र, प्रेरणा कैंटीन और वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था को देखा। डॉ झा ने चिकित्सा अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक भी की। बैठक के दौरान सीएमओ ने निर्देश दिया कि शासन की मंशा के अनुसार बाहर की दवाएं और जांचें नहीं लिखी जानी चाहिए। अगर ऐसा पाया गया तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। डॉ झा ने जनऔषधि केन्द्र संचालक को दवाओं के उचित भंडारण का भी निर्देश दिया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों और फार्मासिस्ट्स से कहा कि जिन दवाओं की कमी है, उनकी सूचना तत्काल सीएमओ को दी जानी चाहिए। दवाओं की कोई कमी अस्पताल में नहीं होनी चाहिए।

